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Atharvaveda / 18 / 4 / 73

पि॒तृभ्यः॒सोम॑वद्भ्यः स्व॒धा नमः॑ ॥73॥

Veda : Atharvaveda | Kand : 18 | Sukta : 4 | Paryay : | Mantra No : 73

In Hindi:

ऋषि : अथर्वा | देवता : यम, मन्त्रोक्त | छन्द : आसुरी पङ्क्ति | स्वर :

विषय : पितरों के सन्मान का उपदेश।

पदपाठ : पि॒तृऽभ्य॑: । सोम॑वत्ऽभ्य: । स्व॒धा । नम॑: ॥४.७३॥

पदार्थ : (सोमवद्भ्यः) बड़ेऐश्वर्यवाले (पितृभ्यः) पितरों [माता-पिता आदि पालक ज्ञानियों] को (स्वधा) अन्नऔर (नमः) नमस्कार हो ॥७३॥"

भावार्थ :

टिप्पणी :७३−(पितृभ्यः)मातापित्रादिपालकज्ञानिभ्यः (सोमवद्भ्यः) परमैश्वर्ययुक्तेभ्यः। अन्यत् पूर्ववत्॥