Atharvaveda / 19 / 23 / 19
तृ॒चेभ्यः॒ स्वाहा॑ ॥ 19॥
Veda : Atharvaveda | Kand : 19 | Sukta : 23 | Paryay : | Mantra No : 19
In English:
Seer : atharvaa | Devta : mantroktaaH | Metre : anuShTup | Tone :
Subject : English Translation will be uploaded as and when ready.
Verse : tRRichebhyaH svaahaa . 19.
Component Words : tRRichebhyaH. svaahaa .23.19.
In Hindi:
ऋषि : अथर्वा | देवता : मन्त्रोक्ताः | छन्द : दैवी पङ्क्तिः | स्वर :
विषय : ब्रह्मविद्या का उपदेश।
पदपाठ : तृ॒चेभ्यः॑। स्वाहा॑ ॥२३.१९॥
पदार्थ : (तृचेभ्यः) तीन [भूत, भविष्यत्, वर्तमान] की स्तुतियोग्य विद्यावाले [वेदों] के लिये (स्वाहा) स्वाहा [सुन्दर वाणी] हो ॥१९॥"
भावार्थ : टिप्पणी :१९−(तृचेभ्यः) म०१। त्रयाणां भूतभविष्यद्वर्तमानानां स्तुत्या विद्या येषु वेदेषु तेभ्यः ॥