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Rigveda / 8 / 24 / 10

आ वृ॑षस्व महामह म॒हे नृ॑तम॒ राध॑से । दृ॒ळ्हश्चि॑द्दृह्य मघवन्म॒घत्त॑ये ॥

Veda : Rigveda | Mandal : 8 | Sukta : 24 | Mantra No : 10

In Hindi:

ऋषि : विश्वमना वैयश्वः | देवता : इन्द्र: | छन्द : उष्णिक् | स्वर : ऋषभः

विषय : प्रामाणिक भाष्य उपलब्ध होने पर अपलोड किया जायेगा।

पदपाठ : आ । वृ॒ष॒स्व॒ । म॒हा॒ऽम॒ह॒ । म॒हे । नृ॒ऽत॒म॒ । राध॑से । दृ॒ळ्हः । चि॒त् । दृ॒ह्य॒ । म॒घ॒ऽव॒न् । म॒घत्त॑ये ॥ ८.२४.१०

पदार्थ :

भावार्थ :