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Rigveda / 8 / 68 / 17

षळश्वाँ॑ आतिथि॒ग्व इ॑न्द्रो॒ते व॒धूम॑तः । सचा॑ पू॒तक्र॑तौ सनम् ॥

Veda : Rigveda | Mandal : 8 | Sukta : 68 | Mantra No : 17

In Hindi:

ऋषि : प्रियमेधः | देवता : ऋक्षाश्वमेधयोर्दानस्तुतिः | छन्द : निचृद्गायत्री | स्वर : षड्जः

विषय : प्रामाणिक भाष्य उपलब्ध होने पर अपलोड किया जायेगा।

पदपाठ : षट् । अश्वा॑न् । आ॒ति॒थि॒ऽग्वे । इ॒न्द्रो॒ते । व॒धूऽम॑तः । सचा॑ । पू॒तऽक्र॑तौ । स॒न॒म् ॥ ८.६८.१७

पदार्थ :

भावार्थ :