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Rigveda / 8 / 84 / 2

क॒विमि॑व॒ प्रचे॑तसं॒ यं दे॒वासो॒ अध॑ द्वि॒ता । नि मर्त्ये॑ष्वाद॒धुः ॥

Veda : Rigveda | Mandal : 8 | Sukta : 84 | Mantra No : 2

In Hindi:

ऋषि : उशना काव्यः | देवता : अग्निः | छन्द : विराड्गायत्री | स्वर : षड्जः

विषय : प्रामाणिक भाष्य उपलब्ध होने पर अपलोड किया जायेगा।

पदपाठ : क॒विम्ऽइ॑व । प्रऽचे॑तसम् । यम् । दे॒वासः॑ । अध॑ । द्वि॒ता । नि । मर्त्ये॑षु । आ॒ऽद॒धुः ॥ ८.८४.२

पदार्थ :

भावार्थ :