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Rigveda / 8 / 93 / 30

त्वामिद्वृ॑त्रहन्तम सु॒ताव॑न्तो हवामहे । यदि॑न्द्र मृ॒ळया॑सि नः ॥

Veda : Rigveda | Mandal : 8 | Sukta : 93 | Mantra No : 30

In Hindi:

ऋषि : सुकक्षः | देवता : इन्द्र: | छन्द : निचृद्गायत्री | स्वर : षड्जः

विषय : प्रामाणिक भाष्य उपलब्ध होने पर अपलोड किया जायेगा।

पदपाठ : त्वाम् । इत् । वृ॒त्र॒ह॒न्ऽत॒म॒ । सु॒तऽव॑न्तः । ह॒वा॒म॒हे॒ । यत् । इ॒न्द्र॒ । मृ॒ळया॑सि । नः॒ ॥ ८.९३.३०

पदार्थ :

भावार्थ :