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Rigveda / 8 / 101 / 3

प्र यो वां॑ मित्रावरुणाजि॒रो दू॒तो अद्र॑वत् । अय॑:शीर्षा॒ मदे॑रघुः ॥

Veda : Rigveda | Mandal : 8 | Sukta : 101 | Mantra No : 3

In Hindi:

ऋषि : जमदग्निभार्गवः | देवता : मित्रावरुणौ | छन्द : गायत्री | स्वर : षड्जः

विषय : प्रामाणिक भाष्य उपलब्ध होने पर अपलोड किया जायेगा।

पदपाठ : प्र । यः । वा॒म् । मि॒त्रा॒व॒रु॒णा॒ । अ॒जि॒रः । दू॒तः । अद्र॑वत् । अयः॑ऽशीर्षा । मदे॑ऽरघुः ॥ ८.१०१.३

पदार्थ :

भावार्थ :