In Hindi:
महर्षि दयानन्द व्याख्या : १८. क्रयविक्रयार्घप्रकरणम्
१ एतद् रूप्यैकेन कियन् मिलति? ये घी और मक्खन एक रुपये का कितना मिलता है?
२ प्रस्थत्रयं प्रस्थत्रयम्। तीन-तीन सेर।
३ तैलस्य कियच्छुल्कम्? तैल का क्या भाव है?
४ मुद्राचतुर्थांशेन सेटकद्वयं प्राप्यते। चार आने का दो सेर मिलता है।
५ अस्मिन्नगरे कति हट्टास्सन्ति? इस नगर में कितनी दुकानें हैं?
६ पञ्चसहस्राणि। पाँच हजार।