Donation Appeal Download Our App
Choose Sutra

प्रारब्ध

In Hindi:

महर्षि दयानन्द व्याख्या : जो पूर्व किये हुये कर्मों के सुख-दुःख रूप फल का भोग किया जाता है, उसको 'प्रारब्ध' कहते हैं ।