Donation Appeal Download Our App
Choose Mantra
Atharvaveda / 16 / 1 / 10

अ॑रि॒प्रा आपो॒अप॑ रि॒प्रम॒स्मत् ॥10॥

Veda : Atharvaveda | Kand : 16 | Sukta : 1 | Paryay : | Mantra No : 10

In Hindi:

ऋषि : अथर्वा | देवता : प्रजापति | छन्द : याजुषी त्रिष्टुप् | स्वर :

विषय : दुःख से छूटने का उपदेश।

पदपाठ : अ॒रि॒प्रा: । आप॑: । अप॑ । रि॒प्रन् । अ॒स्मत् ॥१.१०॥

पदार्थ : (अरिप्राः) निर्दोष (आपः) विद्वान् लोग (रिप्रम्) पाप को (अस्मत्) हम से (अप) दूर [पहुँचावें] ॥१०॥"

भावार्थ :

टिप्पणी :१०−(अरिप्राः)निर्दोषाः (आपः) म० ८। विपश्चितः (अप) दूरे (रिप्रम्) पापम् (अस्मत्) ॥