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Rigveda / 8 / 34 / 18

पारा॑वतस्य रा॒तिषु॑ द्र॒वच्च॑क्रेष्वा॒शुषु॑ । तिष्ठं॒ वन॑स्य॒ मध्य॒ आ ॥

Veda : Rigveda | Mandal : 8 | Sukta : 34 | Mantra No : 18

In Hindi:

ऋषि : नीपातिथिः काण्वः | देवता : इन्द्र: | छन्द : निचृद्गायत्री | स्वर : षड्जः

विषय : प्रामाणिक भाष्य उपलब्ध होने पर अपलोड किया जायेगा।

पदपाठ : पारा॑वतस्य । रा॒तिषु॑ । द्र॒वत्ऽच॑क्रेषु । आ॒शुषु॑ । तिष्ठ॑म् । वन॑स्य । मध्ये॑ । आ ॥ ८.३४.१८

पदार्थ :

भावार्थ :