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Rigveda / 8 / 46 / 33

अध॒ स्या योष॑णा म॒ही प्र॑ती॒ची वश॑म॒श्व्यम् । अधि॑रुक्मा॒ वि नी॑यते ॥

Veda : Rigveda | Mandal : 8 | Sukta : 46 | Mantra No : 33

In Hindi:

ऋषि : वशोऽश्व्यः | देवता : इन्द्र: | छन्द : निचृद्गायत्री | स्वर : षड्जः

विषय : प्रामाणिक भाष्य उपलब्ध होने पर अपलोड किया जायेगा।

पदपाठ : अध॑ । स्या । योष॑णा । म॒ही । प्र॒ती॒ची । वश॑म् । अ॒श्व्यम् । अधि॑ऽरुक्मा । वि । नी॒य॒ते॒ ॥ ८.४६.३३

पदार्थ :

भावार्थ :