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राजप्रजासम्बन्धप्रकरणम्

In Hindi:

महर्षि दयानन्द व्याख्या : २१. राजप्रजासम्बन्धप्रकरणम्

१ भो राजन्! मह्यमयमृणं न ददाति। हे राजन्! मेरा यह करज नहीं देता।

२ यदा तेन गृहीतं तदानीन्तनः कश्चित् साक्षी वर्त्तते न वा? जब उसने लिया था उस समय का कोई गवाह है वा नहीं?

३ वर्तते। है।

४ तर्ह्यानीयताम्। तो लाओ।

५ आनीतोऽयमस्ति। लाया, यह है।