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कुलालप्रकरणम्

In Hindi:

महर्षि दयानन्द व्याख्या : ४७. कुलालप्रकरणम्

१ भो कुलाल! कुम्भशरावमृद्गवकान् निर्मिमीष्व। अरे कुम्भार! घड़ा, सकोरा और मिट्टी की गौओं को बना।

२ घटं देह्यनेन जलमानेष्यामि। घड़ा दे, जल लाऊँगा।