Donation Appeal Download Our App
Choose Sutra

ईश्वर

In Hindi:

महर्षि दयानन्द व्याख्या : जिसके गुण, कर्म, स्वभाव और स्वरूप सत्य ही हैं, जो केवल चेतन मात्र वस्तु है, तथा जो अद्वितीय, सर्वशक्तिमान, निराकार, सर्वत्रव्यापक, अनादि और अनन्त आदि संत्य गुण वाला है, और जिसका स्वभाव अविनाशी, ज्ञानी, आनन्दी, शुद्ध, न्यायकारी, दयालु और अजन्मादि है, जिसका कर्म जगत् की उत्पत्ति, पालन और विनाश करना तथा सर्वजीवों को पाप पुण्य के फल ठीक-ठीक पहुँचाना है, उसको 'ईश्वर' कहते हैं।