Donation Appeal Download Our App
Choose Sutra

धर्म

In Hindi:

महर्षि दयानन्द व्याख्या : जिसका स्वरूप ईश्वर की आज्ञा का यथावत् पालन और पक्षपात रहित न्याय सर्वहित करना है, जो कि प्रत्यक्षादि प्रमाणों से सुपरीक्षित और वेदोक्त होने से सब मनुष्यों के लिये यही एक मानना योग्य है उसको 'धर्म' कहते हैं ।