Donation Appeal Download Our App
Choose Sutra

आप्त

In Hindi:

महर्षि दयानन्द व्याख्या : जो छलादि दोषरहित, धर्मात्मा, विद्वान सत्योपदेष्टा, सब पर कृपा दृष्टि से वर्तमान होकर, अविद्यान्धकार का नाश कर के अज्ञानी लोगों के आत्माओं में विद्या रूप सूर्य का प्रकाश सदा करे, उसको 'आप्त' कहते हैं।