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Rigveda / 8 / 31 / 10

आ शर्म॒ पर्व॑तानां वृणी॒महे॑ न॒दीना॑म् । आ विष्णो॑: सचा॒भुव॑: ॥

Veda : Rigveda | Mandal : 8 | Sukta : 31 | Mantra No : 10

In Hindi:

ऋषि : मनुर्वैवस्वतः | देवता : दम्पत्योराशिषः | छन्द : पादनिचृद्गायत्री | स्वर : षड्जः

विषय : प्रामाणिक भाष्य उपलब्ध होने पर अपलोड किया जायेगा।

पदपाठ : आ । शर्म॑ । पर्व॑तानाम् । वृ॒णी॒महे॑ । न॒दीना॑म् । आ । विष्णोः॑ । स॒चा॒ऽभुवः॑ ॥ ८.३१.१०

पदार्थ :

भावार्थ :