In Hindi:
महर्षि दयानन्द व्याख्या : २. नामनिवासस्थानप्रकरणम्
१ तव किं नामास्ति? तेरा क्या नाम है?
२ देवदत्तः। देवदत्त।
३ क्वाऽभिजनो युवयोर्वर्त्तते? तुम दोनों की जन्मभूमि कहां है?
४ कुरुक्षेत्रे। कुरुक्षेत्र देश में।
५ युष्माकं जन्मदेशः को विद्यते? तुम्हारा जन्मदेश कौन सा है?
६ पञ्चालाः। पञ्चाल*१।
[*१. मूल में पंचाल का भाषानुवाद पंजाब लिखा है। वस्तुतः उत्तरप्रदेश के बरेली मण्डल से फर्रुखाबाद तक का क्षेत्र उत्तरदक्षिण पंचाल कहाता है।]
७ भवन्तः कुत्रत्याः? आप कहां के हो?
८ वयं दाक्षिणात्याः स्मः। हम दक्षिणी हैं।
९ तत्र का पूर्वः? वहां आपके निवास का कौन नगर है?
१० मुम्बापुरी। मुम्बई।
११ इमे क्व निवसन्ति? ये लोग कहां रहते हैं?
१२ नेपाले। नेपाल में।
१३ अयं किमधीते? यह क्या पढ़ता है?
१४ व्याकरणम्। व्याकरण को।
१५ त्वया किमधीतम्? तूने क्या पढ़ा है?
१६ न्यायशास्त्रम्। न्यायशास्त्र।
१७ भवता किं पठितमस्ति?*२
[*२. यह वाक्य मूल में है, प्रथम संस्करण में नहीं है।] आपने क्या पढ़ा है?*२
[*२. यह वाक्य मूल में है, प्रथम संस्करण में नहीं है।]
१८ पूर्वमीमांसाशास्त्रम्।*२
[*२. यह वाक्य मूल में है, प्रथम संस्करण में नहीं है।] पूर्व मीमांसा शास्त्र।*२
[*२. यह वाक्य मूल में है, प्रथम संस्करण में नहीं है।]
१९ अयं भवदीयश्छात्रः किं प्रचर्च्चयति? यह आपका विद्यार्थी क्या पढ़ता है?
२० ऋग्वेदम्। ऋग्वेद को।
२१ त्वं कुत्र गच्छसि? तू कहां जाता है?
२२ पाठाय व्रजामि। पढ़ने के लिये जाता हूँ।
२३ कस्मादधीषे? किससे पढ़ता है?
२४ यज्ञदत्तादध्यापकात्। यज्ञदत्त अध्यापक से।
२५ इमे कुतोऽभ्यस्यन्ति? ये किससे पढ़ते हैं?
२६ विष्णुमित्रात्। विष्णुमित्र से।
२७ तवाध्ययने कियन्तः संवत्सरा व्यतीताः? तुझको पढ़ते हुए कितने वर्ष बीते?
२८ पञ्च। पांच।
२९ भवान् कतिवार्षिकः? आप कितने वर्ष के हुए?
३० त्रयोदशवार्षिकः। तेरह वर्ष का।
३१ त्वया पठनारम्भः कदा कृतः? तूने पढ़ने का आरम्भ कब किया था?
३२ यदाहमष्टवार्षिकोऽभूवम्। जब मैं आठ वर्ष का था।
३३ तव मातापितरौ जीवतो न वा? तेरे माता पिता जीते हैं वा नहीं?
३४ जीवतः। जीते हैं।
३५ तव कति भ्रातरो भगिन्यश्च? तेरे कितने भाई और बहिन हैं?
३६ त्रयो भ्रातरश्चैका भगिन्यस्ति। तीन भाई और एक बहिन है।
३७ त्वं ज्येष्ठस्ते सा वा? तू ज्येष्ठ वा तेरे भाई अथवा बहिन?
३८ अहमेवाग्रजोऽस्मि। मैं ही सबसे पहिले जन्मा हूँ।
३९ तव पितरौ विद्वांसौ न वा? तेरे माता-पिता विद्या पढ़े हैं वा नहीं?
४० महाविद्वांसौ स्तः। बड़े विद्वान् हैं।
४१ तर्हि त्वया पित्रोः सकाशात्कुतो न विद्या गृहीता? तो माता-पिता से तूने विद्या ग्रहण क्यों न की?
४२ अष्टमवर्षपर्य्यन्तं कृता। आठ वर्ष पर्यन्त की थी।
४३ अत ऊर्ध्वं कुतो न कृता? इससे आगे क्यों न की?
४४ मातृमान् पितृमानाचार्य्यवान् पुरुषो वेदेति शास्त्रविधेः। माता-पिता से आठवें वर्ष पर्य्यन्त, इसके आगे आचार्य से पढ़ने का शास्त्र में विधान है, इससे।
४५ अन्यच्च गृहे कार्यबाहुल्येन निरन्तरमध्ययनमेव न जायतेऽतः। और भी घर में बहुत काम होने से निरन्तर पढ़ना ही नहीं हो सकता इसलिये भी।
४६ अतः परं कियद्वर्षपर्यन्तमध्येष्यसे? इसके आगे कितने वर्ष पर्यन्त पढ़ेगा?
४७ पञ्चत्रिंशद्वर्षाणि। पैंतीस वर्ष तक।