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Choose Sutra

व्यभिचार त्याग

In Hindi:

महर्षि दयानन्द व्याख्या : जो अपनी स्त्री के विना दूसरी स्त्री के साथ गमन करना, और अपनी स्त्री को भी ऋतु काल के विना वीर्य दान करना, तथा अपनी स्त्री के साथ भी वीर्य का अत्यन्त नाश करना और युवावस्था के विना विवाह करना है, यह 'व्यभिचार' कहलाता है । उसको छोड़ देने का नाम 'व्यभिचार त्याग' है ।